बाढ़ के पानी को चीरकर विशावली पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम जलभराव के बीच लगाया स्वास्थ्य शिविर
बाढ़ के पानी को चीरकर विशावली पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम जलभराव के बीच लगाया स्वास्थ्य शिविर
35 मरीजों की जांच; चर्म रोग और आंखों में खुजली के मरीज मिले, बुखार का प्रकोप नहीं
तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। गांव के रास्तों पर भरे बाढ़ के पानी की परवाह किए बिना स्वास्थ्य विभाग की टीम ब्लॉक धनौरा के ग्राम विशावली पहुंची और ग्रामीणों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया। आपदा के बीच जलमग्न रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक पहुंची स्वास्थ्य टीम के प्रयास की लोगों ने सराहना की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आरबीएसके की टीम ने जनपद स्तर से जिला मलेरिया अधिकारी तथा आईडीएसपी कार्यालय के एपिडेमियोलॉजिस्ट की मौजूदगी में शिविर का आयोजन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनौरा के चिकित्सा अधीक्षक एवं ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर की अगुवाई में सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल कुमार, डॉ. कुलदीप शर्मा, डॉ. अनामिका चौधरी, डॉ. मोहित बिश्नोई, डॉ. सीमा, दीपा यादव और अभिषेक वर्मा ने ग्रामीणों की जांच की।
बाढ़ के कारण गांव के रास्ते जलमग्न होने के बावजूद टीम जैसे ही विशावली पहुंची, ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक शिविर में कुल 35 मरीजों की जांच और उपचार किया जा चुका था। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश मरीजों में चर्म रोग और आंखों में खुजली की शिकायत सामने आई। हालांकि राहत की बात यह रही कि गांव में फिलहाल बुखार के प्रकोप की कोई स्थिति नहीं पाई गई।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान टीम ने ग्रामीणों को बाढ़ के पानी और दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। पेयजल को विसंक्रमित करने के लिए ग्रामीणों को क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराई गईं और उनके सही उपयोग की जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने ग्रामीणों से स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करने, संभव हो तो पानी को उबालकर पीने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
Reviewed by Hindustan News 18
on
August 10, 2026
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