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मोबाइल हाथ में आते ही बढ़ने लगी 'फर्जी पत्रकारिता', असली पत्रकारों के सामने खड़ा हुआ भरोसे का संकट

 मोबाइल हाथ में आते ही बढ़ने लगी फर्जी पत्रकारिता असली पत्रकारों के सामने खड़ा हुआ भरोसे का संकट

सोशल मीडिया की दौड़ में तथ्य, सत्यापन और पत्रकारिता की मर्यादा हो रही कमजोर, विशेषज्ञ बोले— पत्रकारिता सिर्फ कैमरा नहीं, जिम्मेदारी भी है

आज के डिजिटल दौर में लगभग हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने सूचना साझा करना बेहद आसान बना दिया है। लेकिन इसी सुविधा ने एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी है। मोबाइल हाथ में आते ही अनेक लोग स्वयं को पत्रकार समझने लगे हैं। बिना तथ्यों की पुष्टि किए वीडियो बनाना, लाइव आना और सोशल मीडिया पर खबरें प्रसारित करना अब आम बात हो गई है।

पत्रकारिता केवल वीडियो रिकॉर्ड करने या सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने का नाम नहीं है। यह एक जिम्मेदार पेशा है, जिसमें तथ्यों की जांच, निष्पक्षता, सामाजिक जवाबदेही और नैतिक मूल्यों का पालन सबसे महत्वपूर्ण होता है। एक प्रशिक्षित और जिम्मेदार पत्रकार किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले उसके सभी पक्षों की पड़ताल करता है, जबकि कई तथाकथित मोबाइल पत्रकार केवल वायरल होने की होड़ में अपुष्ट और भ्रामक जानकारियां प्रसारित कर देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रवृत्ति से समाज में भ्रम फैलने के साथ-साथ वास्तविक पत्रकारों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। कई बार गलत या भ्रामक वीडियो कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बन जाते हैं।

वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारिता का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार का काम सत्ता से सवाल पूछना, जनता की आवाज बनना और सत्य को सामने लाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, अनुभव, संवेदनशीलता और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों की समझ आवश्यक है। केवल मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट होने से कोई व्यक्ति पत्रकार नहीं बन जाता।

आज जरूरत इस बात की है कि लोग समाचार और सोशल मीडिया सामग्री में अंतर समझें तथा केवल विश्वसनीय और प्रमाणित स्रोतों पर ही भरोसा करें। वहीं पत्रकारिता के नाम पर गलत सूचना फैलाने वालों पर भी प्रभावी निगरानी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पत्रकारिता की गरिमा और जनता का विश्वास दोनों सुरक्षित रह सकें।

मोबाइल हाथ में आते ही बढ़ने लगी 'फर्जी पत्रकारिता', असली पत्रकारों के सामने खड़ा हुआ भरोसे का संकट Reviewed by Hindustan News 18 on July 18, 2026 Rating: 5

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