कन्या पूजन और भंडारों के साथ मनाई गई नवमी, सुख-समृद्धि की कामना
नवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कन्या पूजन और भंडारों के साथ मनाई गई नवमी, सुख-समृद्धि की कामना
चैत्र नवरात्र के नौवें दिन भक्तों ने शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री का विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भक्ति और आस्था का वातावरण देखने को मिला। घरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।
मां सिद्धिदात्री के स्वरूप को अन्नपूर्णा के रूप में भी पूजा जाता है। इसी कारण नवमी के दिन कई स्थानों पर कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और उन्हें भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान अन्न, वस्त्र और धन की समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।
वही नगर के प्राचीन नवदुर्गा मंदिर में सुबह भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। पूरे दिन मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा और देर रात तक जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। ग्रामीण अंचलों के मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और भक्ति का उल्लास चरम पर रहा।
प्राचीन नवदुर्गा मंदिर के पुजारी हरिओम त्रिवेदी ने बताया कि भारतीय संस्कृति में कन्या पूजन का विशेष महत्व है और यह परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि कन्या को देवी का स्वरूप माना जाता है। कन्या चंडी और दुर्गा का रूप होती हैं, जिनके पूजन से मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
नवमी के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री से परिवार की खुशहाली, उन्नति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
Reviewed by Hindustan News 18
on
March 26, 2026
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