पत्थर कुटी शिवालय आस्था का प्रमुख केन्द्र, शिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक
पत्थर कुटी शिवालय आस्था का प्रमुख केन्द्र, शिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक
महा शिवरात्रि पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, प्रशासन व मंदिर समिति ने कसी कमर
चांदपुर मार्ग पर स्थित प्राचीन पत्थर कुटी शिवालय वर्षों से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केन्द्र बना हुआ है। महा शिवरात्रि के अवसर पर यहां हर वर्ष भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी महा शिवरात्रि को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शहर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित पत्थर कुटी शिव मंदिर के संबंध में मान्यता है कि करीब सौ वर्ष पूर्व भगवान भोलेनाथ यहां स्वयंभू रूप में प्रकट हुए थे। उस समय यह क्षेत्र घने जंगलों से आच्छादित था और लोग यहां से गुजरने में भी भय महसूस करते थे। स्वयंभू शिवलिंग के प्रकट होने के बाद श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और बाद में यहां विधिवत मंदिर की स्थापना की गई। समय के साथ मंदिर का विस्तार हुआ और आज यह क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल बन चुका है।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि पत्थर कुटी शिवालय में सच्चे मन से भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और शीश नवाने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते प्रत्येक सोमवार, शिवरात्रि और पूरे श्रावण मास में यहां भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। शिवरात्रि के अवसर पर लगने वाला मेला क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है।
महा शिवरात्रि का पर्व इस वर्ष 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस अवसर पर हजारों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा के माध्यम से मंदिर पहुंचते हैं और विधिवत जलाभिषेक करते हैं। इसे देखते हुए मंदिर समिति द्वारा जलाभिषेक, दर्शन, पेयजल, प्रकाश, सफाई और बैठने की समुचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मंदिर परिसर में रंगाई-पुताई एवं सजावट का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही आसपास के मार्गों की साफ-सफाई कराई जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेले के दौरान अस्थायी दुकानों, प्रसाद, फूल-मालाओं व पूजा सामग्री की भी व्यवस्था रहती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मंदिर स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा चुका है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग एवं सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
मंदिर के पुजारी राजनाथ जी ने बताया कि शिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि रहती है। जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध किया जाएगा, जिससे दर्शन और पूजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा।वही पूरा मेला परिसर सीसीटीवी कैमरों में कैद रहता है।
शिवरात्रि के अवसर पर पत्थर कुटी शिवालय श्रद्धा, भक्ति और आस्था के रंग में रंग जाएगा। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान होगा। श्रद्धालुओं का सैलाब एक बार फिर यह साबित करेगा कि पत्थर कुटी शिवालय केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की आस्था और विश्वास का जीवंत प्रतीक है।
Reviewed by Hindustan News 18
on
February 07, 2026
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