आनंदधाम सरोवर सौंदर्यीकरण में गड़बड़ी की जांच, विशेष सचिव ने मौके पर परखी कार्यों की गुणवत्ता
आनंदधाम सरोवर सौंदर्यीकरण में गड़बड़ी की जांच, विशेष सचिव ने मौके पर परखी कार्यों की गुणवत्ता
नगर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले आनंदधाम सरोवर तालाब के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर शासन स्तर पर दर्ज शिकायतों के बाद शनिवार को लखनऊ से जांच टीम नगर में पहुंची। उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग के विशेष सचिव सत्यप्रकाश पटेल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सरोवर के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण कार्यों का गहन निरीक्षण किया। उनके अचानक निरीक्षण से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका विभाग में दिनभर हलचल बनी रही।
निरीक्षण के दौरान विशेष सचिव ने सरोवर के चारों ओर कराए गए निर्माण कार्यों, इंटरलॉकिंग टाइल्स, बाउंड्री वॉल, घाट निर्माण, बैठने की व्यवस्था और लाइटिंग सिस्टम की बारीकी से जांच की। उन्होंने कार्यों से संबंधित अभिलेखों और फाइलों का भी मौके पर भौतिक सत्यापन किया तथा कागजी रिकॉर्ड और धरातल पर हुए कार्यों के बीच सामंजस्य का आकलन किया।विशेष सचिव ने केवल अधिकारियों से ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया। उन्होंने लोगों से सरोवर के पुराने स्वरूप, पूर्व में मौजूद सुविधाओं और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। कई स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्ण न होने को लेकर अपनी बात रखी।
इस दौरान एसडीएम विभा श्रीवास्तव ने बताया कि आनंदधाम सरोवर के सौंदर्यीकरण को लेकर शासन स्तर पर कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए शासन द्वारा विशेष सचिव को नामित किया गया था। उन्होंने कहा,
विशेष सचिव द्वारा सभी बिंदुओं पर स्थल निरीक्षण कर लिया गया है। जांच से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया। मौके पर अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड राजेश गंगवार, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवधेश वर्मा, उमेश सैनी, दिनेश कुमार लेखपाल सहित राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि आनंदधाम सरोवर नगर की आस्था और पर्यावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसके सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। ऐसे में यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
अब नगरवासियों की निगाहें विशेष सचिव की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और मानकों का पालन हुआ है या नहीं, और दोषी पाए जाने पर किस स्तर तक कार्रवाई की जाएगी।
Reviewed by Hindustan News 18
on
January 24, 2026
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