विराट हिंदू सम्मेलन में संतों का आह्वान, बोले—संगठन से ही बचेगी संस्कृति
विराट हिंदू सम्मेलन में संतों का आह्वान, बोले—संगठन से ही बचेगी संस्कृति
जुटा सकल हिंदू समाज, गंगा स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ
दा सेलिब्रेशन ग्रैंड बैंकट हॉल में गुरुवार को सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर व पुष्प अर्पित कर किया गया। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों, विद्वान और समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करना तथा समाज में समरसता और जागरूकता बढ़ाना रहा।
मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महंत डॉ. कर्णपुरी महाराज ने कहा कि हिंदू संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से है, जिसकी रक्षा के लिए समाज को संगठित रहना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से संस्कार और परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया।मुख्य वक्ता कन्या गुरुकुल महाविद्यालय चोटीपुरा की आचार्या डॉ. सुमेधा ने नारी सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित मातृशक्ति ही मजबूत राष्ट्र की नींव है। वहीं मेरठ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक आनंद ने युवाओं से कुरीतियों को छोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील की। सम्मेलन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक प्रवचनों पर आधारित सत्र हुए। मातेश्वरी कन्या विद्यापीठ की छात्राओं ने गंगा मां की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में गंगा को स्वच्छ रखने और प्रकृति संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर साधु-संतों के साथ अनूप अग्रवाल, रीता त्यागी, हेमंत सारस्वत, अखिलेश भाटी, अंकित शर्मा, सूरज अग्रवाल, सत्येंद्र कुमार, अशोक उर्फ सोनू सैनी, रोहित आर्य, विपिन शर्मा, विवेक सिंह, राजीव, चौधरी क्षेत्रपाल सिंह, जयप्रकाश, हरचरण प्रधान, शुभम जालान, जितेंद्र चौधरी, अनुज त्रिवेदी, राजपाल सिंह प्रधान फाजलपुर, जंगबहादुर सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
Reviewed by Hindustan News 18
on
January 22, 2026
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