सील ओटी में ऑपरेशन बना महिला की मौत की वजह धनौरा में निजी अस्पतालों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही
सील ओटी में ऑपरेशन बना महिला की मौत की वजह
धनौरा में निजी अस्पतालों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही
नगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई और ऑपरेशन थिएटर सीलिंग के बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी लगातार सामने आ रही है। गुरुवार को एक बार फिर एक लापरवाही भरे ऑपरेशन ने 26 वर्षीय महिला की जान ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला क्षेत्र के गांव डींगरा का है, जहां निवासी मोनू सैनी की पत्नी काजल सैनी उम्र 26 वर्ष को नगर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने खुद को जिम्मेदारी से बचाने के लिए महिला को मुरादाबाद रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
===============================
सील ऑपरेशन थिएटर में किया गया ऑपरेशन
हैरान करने वाली बात यह है कि जिस निजी अस्पताल में काजल सैनी का ऑपरेशन किया गया। उसका ऑपरेशन थिएटर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले ही सील किया जा चुका था। इसके बावजूद नियमों और कानून को ताक पर रखकर वहां ऑपरेशन किया जा रहा था। मृतका के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना जोखिम भरा ऑपरेशन किया। जब ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और मामला हाथ से निकलता नजर आया, तो उसे गंभीर बताकर रेफर कर दिया गया।
================================
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले नवाबपुरा स्थित माधव नर्सिंग होम में जच्चा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने धनौरा क्षेत्र के करीब एक दर्जन अवैध निजी अस्पतालों की ओटी सील की थी। बावजूद इसके निजी अस्पताल संचालकों ने कोई सबक नहीं लिया। हाल ही में बिजनौर नर्सिंग होम में भी सील ओटी का ताला काटकर ऑपरेशन किए जाने का मामला सामने आया था, जिसे पुलिस की मौजूदगी में दोबारा सील किया गया था।
सीएचसी प्रभारी डॉक्टर राहुल कुमार ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अमरोहा भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि संबंधित अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर पहले से ही सील थी, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से ऑपरेशन किया जा रहा था। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।वही सीएससी प्रभारी डॉक्टर राहुल कुमार की तहरीर पर अस्पताल संचालक मनोज कुमार व मंजू के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर विभागीस्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी बालेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा दी गई तहरीर पर अस्पताल संचालक एक महिला व पुरुष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक दोषी अस्पताल संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। तब तक मरीजों की जान के साथ यह खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा।
Reviewed by Hindustan News 18
on
January 22, 2026
Rating:

No comments: