पंचायत सचिवों ने मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
पंचायत सचिवों ने मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को ब्लॉक में सचिवों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य सचिव को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ नरेंद्र गंगवार को सौंपा, जिसमें अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को विस्तार से बताया।
ज्ञापन के माध्यम से में सचिवों ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव ग्राम पंचायत कार्यालय के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है। जिस प्रकार क्षेत्र पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी अपने कार्यालय के अध्यक्ष होते हैं, उसी तरह सचिव भी कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति जैसी कार्यालय आधारित प्रणाली उनकी कार्य प्रकृति के अनुकूल नहीं है।
एक सचिव के पास आमतौर पर 4 से लेकर 9 ग्राम पंचायतों का प्रभार होता है। बहुउद्देशीय कार्य प्रकृति और क्षेत्रीय भौगोलिक कारणों से किसी एक निश्चित स्थान एवं समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। सचिवों ने अपनी मांगों में यह भी बताया कि ग्रामीण स्तर पर वे विभिन्न प्रकृति के 29 से अधिक विभागीय कार्यों का संपादन प्रत्येक ग्राम पंचायत में करते हैं।
ग्राम पंचायत सचिव का कार्य वर्तमान में मांग आधारित न होकर पूर्ण रूप से लक्ष्य आधारितहो गया है। इसके विपरीत, ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व विभाग के लेखपाल, शिक्षा विभाग के अध्यापक, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक/किसान सहायक, गन्ना विभाग के गन्ना पर्यवेक्षक और पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी भी कार्यरत हैं, जिनका कार्य क्षेत्र और योजनाएं सचिव ग्राम पंचायत की अपेक्षा सीमित हैं।
ज्ञापन में प्रमुख मांग यह भी थी कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन व पर्यवेक्षण के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी अभी तक समुचित वाहन भत्ता एवं मोबाइल फोन भत्ता पाने से वंचित हैं।ज्ञापन देने वालो में
सचिव सुमित कुमार,सुदेश कुमार पाल,संदीप सिंह, बंटी सिंह,रोहित कुमार,राजकुमार,महेश सिंह,राजीव गिल, आंचल कुमारी, रामगोपाल,अशोक कुमार,राजकुमार सैनी, मोहम्मद नसीम,रजत यादव
सहित आदि सचिव मौजूद रहे।
Reviewed by Hindustan News 18
on
December 05, 2025
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