पीएम मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान, 21 जून को दुनियाभर के 172 देशों में मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस।
पीएम मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान, 21 जून को दुनियाभर के 172 देशों में मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस।
एमपी सिहं 【वरिष्ठ पत्रकार】
अमरोहा(उत्तर प्रदेश)20 जून ।अन्तराष्ट्रीय योग दिवस:हमारे लिए बडे गर्व की बात है कि हमारी प्रचीन संस्कृति पर पूरे विश्व ने मोहर लगा दी।अब तक के इतिहास मे पहली बार 192 देश किसी विषय पर एकमत हो कर योग दिवस मना रहे हैं। यहाँ तक 42 मुस्लिम राष्ट्र भी कर रहे हैं।योगेश्वर श्रीकृष्ण की धरा से निकले योग पर अब किसी को भ्रम नही होना चाहिये । इस योग रुपी हवन में प्रत्येक सदस्य की आहुति लगनी चाहिये ।जो जहाँ है चाहे गार्डन -घर-रेल-प्लेन या कही हो 21 जून को प्रात: 7बजे हमको सबको ये योग करने हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। जिसके बाद साल 2015 से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर ही 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वीकार किया गया था और दुनियाभर के 170 देशों ने इस दिन को योग दिवस के रूप में मनाए जाने पर अपनी मुहर लगाई थी।भारत की इस प्राचीन विधा की ताकत को दुनियाभर में स्वीकारा जा चुका है।
आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के मतानुसार “योग एक ऐसा विज्ञान है, जो प्रयोगशालाओं की सीमाओं से परे है, और यह एक अनुभव और महसूस किया जाने वाला विज्ञान है। यह ऐसी विधा है, जिसे हर व्यक्ति अपने खास अनुभव के अनुसार महसूस करता है और इसका प्रभाव भी हर व्यक्ति पर अलग होता है।" पॉवर योग, वॉटर योग, एरियल योग जैसे योग के कई नए और आधुनिक स्वरूप अब सामने आ रहे हैं,पारंपरिक तौर पर मुख्य रूप से योग के 6-9 प्रकार हैं, जिनमें ज्ञान योग, हठ योग, ध्यान योग, जैन योग, बौद्ध योग, कर्म योग, पातंजलि योग आदि शामिल हैं और अपने अनुभव और कौशल के आधार पर आधुनिक योग मास्टर इन्हीं मूल प्रकारों में ही कुछ तब्दीली करके इसे नए स्वरूपों में सामने ला रहे हैं।पुरानी पीढ़ी के साथ ही नई पीढ़ी को भी फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पहले भी प्रौद्योगिकी का भरपूर उपयोग करते रहे हैं. इससे पहले उनके ‘हम फिट तो इंडिया फिट’ चैलेंज को भी सेलेब्रिटीज समेत युवाओं ने भी बढ़-चढ़ कर स्वीकार किया था।
योग विशेषज्ञ दीपा सिरोही ने योग दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि “नई पीढ़ी भी योग को काफी पसंद कर रही है। वह बहुत अच्छी तरह इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रही है। यहां तक कि वे अपने पूरे दिन को इस तरह से मैनेज करते हैं कि वे हर रोज अपने योगाभ्यास को समय दे पाएं।युवा पीढ़ी के लिए यह आज केवल स्वस्थ रहने का ही जरिया नहीं रहा, बल्कि यह उनके लिए एक अच्छा करियर विकल्प भी बन गया है।जिंदगी की रफ्तार कितनी भी तेज क्यों न हो, उसे दुरुस्त करने और उसकी मरम्मत करने के लिए उसके बीच में ठहराव और शांति के पल होने भी जरूरी हैं, ताकि वह आज के दौर की चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह तैयार हो पाए।योग वह पद्धति है जो आसनों, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों के जरिए शरीर को फिर से अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार करता है।
जानकार कहते हैं कि 21 जून को धरती पर सूर्य सबसे ज्यादा समय तक रहता है क्योंकि यह दिन साल का सबसे लंबा दिन होता है।आमतौर पर 20, 21 और 22 जून को उत्तरी गोलार्ध पर सबसे ज्यादा सूर्य की रोशनी पड़ती है।इसी तरह दक्षिण गोलार्ध पर 21, 22 और 23 दिसंबर को सबसे अधिक सूर्य की रोशनी पड़ती है।इस तारीख के बाद दिन छोटे होने लगते हैं और गोलार्ध दक्षिण की ओर जाने लगता है जिसे भारतीय संस्कृति में शुभ माना जाता है। सबसे लंबा दिन और दक्षिण गोलार्ध में सूर्य के प्रवेश होने के कारण इसी दिन योग दिवस मनाया जाता है।इसके अलावा भारत में 21 जून ग्रीष्मकालीन संक्रांति का दिन भी होता है।
योग भारत की प्राचीनतम खोजों में से एक है जिसकी उत्पत्ति ही भारत में हुई थी। योग परंपरा तकरीबन 5000 साल पुरानी मानी जाती है।योग को हृदय और आत्मा के बीच सामंजस्य और संतुलन के साथ दिव्य ज्ञान प्राप्त करने के एक तरीके के रूप में डेवलप किया गया था।आधुनिक समय में यह भी देखने में आ रहा है कि योग से मधुमेह यानी डाइबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों का असर कम होता है। अब योग ने पश्चिमी दुनिया में भी अपना रास्ता खोज लिया है।यह प्रसन्नता की बात है कि अब भारत से बाहर दूसरी संस्कृतियों ने भी योग को अपना लिया है।2019 की योग दिवस थीम इस बार पर्यावरण के लिए समर्पित है। जबकि वर्ष 2015 में सद्भाव और शांति के लिए।वर्ष 2016 में युवाओं को कनेक्ट करने के लिए।वर्ष 2017 में स्वास्थ्य के लिए।वर्ष 2018 में शांति के लिए योग दिवस थीम थी।
एमपी सिहं 【वरिष्ठ पत्रकार】
अमरोहा(उत्तर प्रदेश)20 जून ।अन्तराष्ट्रीय योग दिवस:हमारे लिए बडे गर्व की बात है कि हमारी प्रचीन संस्कृति पर पूरे विश्व ने मोहर लगा दी।अब तक के इतिहास मे पहली बार 192 देश किसी विषय पर एकमत हो कर योग दिवस मना रहे हैं। यहाँ तक 42 मुस्लिम राष्ट्र भी कर रहे हैं।योगेश्वर श्रीकृष्ण की धरा से निकले योग पर अब किसी को भ्रम नही होना चाहिये । इस योग रुपी हवन में प्रत्येक सदस्य की आहुति लगनी चाहिये ।जो जहाँ है चाहे गार्डन -घर-रेल-प्लेन या कही हो 21 जून को प्रात: 7बजे हमको सबको ये योग करने हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। जिसके बाद साल 2015 से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर ही 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वीकार किया गया था और दुनियाभर के 170 देशों ने इस दिन को योग दिवस के रूप में मनाए जाने पर अपनी मुहर लगाई थी।भारत की इस प्राचीन विधा की ताकत को दुनियाभर में स्वीकारा जा चुका है।
आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के मतानुसार “योग एक ऐसा विज्ञान है, जो प्रयोगशालाओं की सीमाओं से परे है, और यह एक अनुभव और महसूस किया जाने वाला विज्ञान है। यह ऐसी विधा है, जिसे हर व्यक्ति अपने खास अनुभव के अनुसार महसूस करता है और इसका प्रभाव भी हर व्यक्ति पर अलग होता है।" पॉवर योग, वॉटर योग, एरियल योग जैसे योग के कई नए और आधुनिक स्वरूप अब सामने आ रहे हैं,पारंपरिक तौर पर मुख्य रूप से योग के 6-9 प्रकार हैं, जिनमें ज्ञान योग, हठ योग, ध्यान योग, जैन योग, बौद्ध योग, कर्म योग, पातंजलि योग आदि शामिल हैं और अपने अनुभव और कौशल के आधार पर आधुनिक योग मास्टर इन्हीं मूल प्रकारों में ही कुछ तब्दीली करके इसे नए स्वरूपों में सामने ला रहे हैं।पुरानी पीढ़ी के साथ ही नई पीढ़ी को भी फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पहले भी प्रौद्योगिकी का भरपूर उपयोग करते रहे हैं. इससे पहले उनके ‘हम फिट तो इंडिया फिट’ चैलेंज को भी सेलेब्रिटीज समेत युवाओं ने भी बढ़-चढ़ कर स्वीकार किया था।
योग विशेषज्ञ दीपा सिरोही ने योग दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि “नई पीढ़ी भी योग को काफी पसंद कर रही है। वह बहुत अच्छी तरह इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रही है। यहां तक कि वे अपने पूरे दिन को इस तरह से मैनेज करते हैं कि वे हर रोज अपने योगाभ्यास को समय दे पाएं।युवा पीढ़ी के लिए यह आज केवल स्वस्थ रहने का ही जरिया नहीं रहा, बल्कि यह उनके लिए एक अच्छा करियर विकल्प भी बन गया है।जिंदगी की रफ्तार कितनी भी तेज क्यों न हो, उसे दुरुस्त करने और उसकी मरम्मत करने के लिए उसके बीच में ठहराव और शांति के पल होने भी जरूरी हैं, ताकि वह आज के दौर की चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह तैयार हो पाए।योग वह पद्धति है जो आसनों, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों के जरिए शरीर को फिर से अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार करता है।
जानकार कहते हैं कि 21 जून को धरती पर सूर्य सबसे ज्यादा समय तक रहता है क्योंकि यह दिन साल का सबसे लंबा दिन होता है।आमतौर पर 20, 21 और 22 जून को उत्तरी गोलार्ध पर सबसे ज्यादा सूर्य की रोशनी पड़ती है।इसी तरह दक्षिण गोलार्ध पर 21, 22 और 23 दिसंबर को सबसे अधिक सूर्य की रोशनी पड़ती है।इस तारीख के बाद दिन छोटे होने लगते हैं और गोलार्ध दक्षिण की ओर जाने लगता है जिसे भारतीय संस्कृति में शुभ माना जाता है। सबसे लंबा दिन और दक्षिण गोलार्ध में सूर्य के प्रवेश होने के कारण इसी दिन योग दिवस मनाया जाता है।इसके अलावा भारत में 21 जून ग्रीष्मकालीन संक्रांति का दिन भी होता है।
योग भारत की प्राचीनतम खोजों में से एक है जिसकी उत्पत्ति ही भारत में हुई थी। योग परंपरा तकरीबन 5000 साल पुरानी मानी जाती है।योग को हृदय और आत्मा के बीच सामंजस्य और संतुलन के साथ दिव्य ज्ञान प्राप्त करने के एक तरीके के रूप में डेवलप किया गया था।आधुनिक समय में यह भी देखने में आ रहा है कि योग से मधुमेह यानी डाइबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों का असर कम होता है। अब योग ने पश्चिमी दुनिया में भी अपना रास्ता खोज लिया है।यह प्रसन्नता की बात है कि अब भारत से बाहर दूसरी संस्कृतियों ने भी योग को अपना लिया है।2019 की योग दिवस थीम इस बार पर्यावरण के लिए समर्पित है। जबकि वर्ष 2015 में सद्भाव और शांति के लिए।वर्ष 2016 में युवाओं को कनेक्ट करने के लिए।वर्ष 2017 में स्वास्थ्य के लिए।वर्ष 2018 में शांति के लिए योग दिवस थीम थी।
पीएम मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान, 21 जून को दुनियाभर के 172 देशों में मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस।
Reviewed by Hindustan News 18
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June 20, 2019
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