बाढ़ संभावित गांवों में पशुओं का गला घोटू रोग से बचाव शुरू, पशुपालन विभाग ने चलाया टीकाकरण अभियान
बाढ़ संभावित गांवों में पशुओं का गला घोटू रोग से बचाव शुरू, पशुपालन विभाग ने चलाया टीकाकरण अभियान
पशुपालकों को बरसात में पशुओं की देखभाल के दिए गए सुझाव
बरसात के मौसम और बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए पशुपालन विभाग ने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित एवं संभावित गांवों में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में विभागीय टीम ने रविवार को चकनवाला, शरीफपुर सुमाली तथा ग्राम आजमपुर के मजरा सराय में पहुंचकर पशुओं को गला घोटू हेमरेजिक सेप्टीसीमिया रोग से बचाव के लिए टीके लगाए।
टीकाकरण अभियान के दौरान नोडल अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भागेश सिंह ने पशुपालकों को गला घोटू जैसी जानलेवा बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में पशुओं में संक्रामक रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए समय पर टीकाकरण कराना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर किसान यूनियन के सतपाल सिंह ने भी पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने पशुओं का नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी से बचाव हो सके और पशुधन सुरक्षित रहे। उन्होंने पशुपालकों से विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
पशुपालन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बरसात के मौसम में पशुओं के रखरखाव, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा पशुशालाओं में जलभराव न होने देने संबंधी आवश्यक सुझाव भी दिए। साथ ही किसी भी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने की सलाह दी, ताकि समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आगामी दिनों में भी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में टीकाकरण एवं जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे पशुधन को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
Reviewed by Hindustan News 18
on
July 12, 2026
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