मुकारमपुर सीपिया घाट सुरक्षा बंधा टूटा, खादर क्षेत्र में मंडराया बाढ़ का खतरा
मुकारमपुर सीपिया घाट सुरक्षा बंधा टूटा, खादर क्षेत्र में मंडराया बाढ़ का खतरा
देवीपुरा के जंगलों में तेजी से भरा पानी, मुकारमपुर समेत दर्जनों गांवों के किसानों में दहशत; प्रशासन हाई अलर्ट पर
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब खादर क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। इसी बीच मुकारमपुर से सीपिया घाट को जोड़ने वाला एक छोटा सुरक्षा बंधा अचानक टूट जाने से हालात और गंभीर हो गए हैं। बंधा टूटते ही देवीपुरा के जंगलों में तेजी से पानी फैलने लगा, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार मुकारमपुर गांव पूरी तरह सुरक्षा बंधे के दायरे में आता है। ऐसे में यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ता है तो बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश कर सकता है। बंधा टूटने के बाद लगातार पानी का दबाव बढ़ने से ग्रामीण पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ की यादें अभी भी ग्रामीणों के जेहन में ताजा हैं। उस दौरान पूरे खादर क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो गई थीं, किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से हफ्तों तक कट गया था। इसी कारण इस बार भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
बंधा टूटने से मुकारमपुर के अलावा झुंडपुरा, देवीपुरा, चांदरा फार्म, आसूवाला, पट्टी, शाहजहांपुर, पहाड़पुर, छात सहित आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों को अपनी खड़ी फसलों के डूबने का भय सताने लगा है। खेतों की ओर लगातार पानी बढ़ने से किसान अपनी फसल बचाने के लिए चिंतित हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत कुमार, अरुण कुमार, दीक्षांत, भोला, विशेष, रितिक, विकास कुमार, मानित, पुखराज, प्रेमपाल, बिक्की, संजय, राजा सिंह, वीर सिंह, जयंत सिंह, प्रधान गंगासरन, दर्शन सिंह, सुंदर सिंह, अवतार सिंह, डॉ. भजनलाल, राजा, कश्मीर सिंह और गोपी सहित अनेक ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय करने और बंधे की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है।
बंधा टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। तहसीलदार मूसा थारू राजस्व टीम के साथ मौके के लिए रवाना हो गए। प्रशासन ने सिंचाई विभाग को तत्काल सूचना देकर क्षतिग्रस्त बंधे की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रखा गया है तथा खादर क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने, नदी और कटान वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है। वहीं किसान और ग्रामीण अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और गंगा के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
Reviewed by Hindustan News 18
on
July 10, 2026
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