पूर्व विधायक तोताराम द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ
पूर्व विधायक तोताराम द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ
डिवाइन अंश पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों व मेधावी छात्रों के सम्मान ने बांधा समां
डिवाइन अंश पब्लिक स्कूल में शनिवार सायंकाल आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह पूरे उत्साह, गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर आकर्षक सजावट एवं रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित था। समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रूप में पहुंचे पूर्व विधायक तोताराम सिंह तथा विशिष्ट अतिथि उपजिलाधिकारी शैलेष दुबे ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अपने स्वागत संबोधन में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी विकास करना है। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने देशभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी सम्मान तथा राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर आधारित रंगारंग नृत्य, समूहगान, लघु नाटिकाएं एवं लोकनृत्य प्रस्तुत किए। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान मुख्य अतिथि पूर्व विधायक तोताराम ने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विद्यालयों की जिम्मेदारी केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को संस्कारवान, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय परिवार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वही उपजिलाधिकारी शैलेष दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और संस्कार का समन्वय ही विद्यार्थियों को जीवन में सफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मंच संचालन का कौशल विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को भी अपनाने की अपील की।
समारोह के दौरान विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षिक उपलब्धियों, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों ने भी गर्व के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय के संस्थापक कपिल भड़ाना एवं रोहित आर्य ने कहा कि विद्यालय निरंतर आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समय-समय पर इस प्रकार के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के प्रबंधक विपिन कुमार, प्रधानाचार्य प्रशांत कुमार, निवेदक मदन सिंह, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Reviewed by Hindustan News 18
on
July 05, 2026
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