महाशिवरात्रि से पहले चांदपुर स्टेट हाईवे बदहाल
महाशिवरात्रि से पहले चांदपुर मार्ग बदहाल
नौगांवा तिराहे पर गड्ढे और कंकर, शिवभक्तों की आस्था पर भारी अव्यवस्था
शिवभक्तों की राह में रोड़े, जिम्मेदार बेपरवाह
महाशिवरात्रि का पावन पर्व नजदीक आते ही शिवालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक को लेकर शिवभक्तों में भारी उत्साह है। दूर-दराज से श्रद्धालु कांवड़ लेकर निकलने लगे हैं, लेकिन चांदपुर स्टेट हाईवे पर गांव पत्थर कुटी के समीप स्थित नौगांवा तिराहा श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आ रहा है। यह मार्ग पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है। सड़क की डामर परत उखड़ चुकी है और नीचे की गिट्टी व पत्थर बाहर निकल आए हैं। बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। जिनमें वाहन फंस रहे हैं। कंकरों की भरमार के कारण दोपहिया वाहन सवारों का संतुलन बिगड़ रहा है और आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।नौगांवा तिराहा स्वयं में एक व्यस्त चौराहा है, जहां से कई गांवों और कस्बों की आवाजाही होती है। ऐसे में मोड़ पर खराब सड़क स्थिति हादसों को और भी आमंत्रित कर रही है। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि सड़क पर न तो कोई चेतावनी संकेत लगे हैं और न ही प्रकाश की समुचित व्यवस्था है।स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार संबंधित विभाग को सड़क की हालत से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व से पहले भी प्रशासनिक लापरवाही लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस मार्ग से भगवान शिव के भक्तों का विशाल जत्था गुजरेगा, उसी मार्ग को बदहाल छोड़ देना आस्था के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।इस मार्ग से न केवल कांवड़िये बल्कि एंबुलेंस, स्कूल वाहन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए चलने वाले वाहन भी गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण मरीजों और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि अचानक कोई बड़ा हादसा हो गया, तो जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वही स्थानीय निवासियों और शिवभक्तों ने मांग की है कि महाशिवरात्रि से पहले तत्काल प्रभाव से सड़क की मरम्मत कराई जाए, गड्ढों को भरा जाए और बिखरे कंकर हटाए जाएं। साथ ही अस्थायी तौर पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।अब देखना यह है कि प्रशासन और लोक निर्माण विभाग समय रहते जागता है या नहीं। आस्था के इस महापर्व पर शिवभक्तों की परीक्षा लेने के बजाय यदि व्यवस्था सुधार ली जाए।तो यह न केवल हादसों को रोकेगा, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता का भी परिचायक बनेगा।
Reviewed by Hindustan News 18
on
February 09, 2026
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