गन्ना आयुक्त बोले ,अब बकाया गन्ना मूल्य के बदले चीनी ले सकेगें किसान
गन्ना आयुक्त बोले ,अब बकाया गन्ना मूल्य के बदले चीनी ले सकेगें किसान
पेराई सत्र 2019-20 में चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान अपने बकाया गन्ना मूल्य के बदले में चीनी ले सकते हैं। यह जानकारी प्रदेश गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने दी। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों की मांग पर विचार करने के बाद शासन ने यह फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को उनके बकाया गन्ना मूल्य के सापेक्ष उपलब्ध कराई गई चीनी का समायोजन गन्ना मूल्य के मद से किया जाएगा।
प्रत्येक किसान को एक कुंतल चीनी हर महीने उस दिन के चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य एवं जीएसटी के आधार पर जून 2020 तक उपलब्ध कराई जाएगी। यदि मिल द्वारा उस दिन कोई चीनी मिल बिक्री नहीं की गई है तो उसके पूर्व दिवस में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जीएसटी के आधार पर किसानों को चीनी उपलब्ध कराई जाएगी।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने कहा कि इच्छुक गन्ना किसान अपने साधनों द्वारा मिल गोदाम से चीनी उठान करेंगे। इसके लिए उन्हें यातायात व्यय की कोई प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी। चीनी का वितरण केंद्र सरकार द्वारा संबंधित मिल के निर्धारित मासिक कोटे के तहत ही होगा तथा जीएसटी को नियमानुसार राजकोष में जमा करने की जिम्मेदारी संबंधित चीनी मिल की ही होगी। यदि जीएसटी जमा करने अथवा न्यूनतम मूल्य से अधिक मूल्य पर किसानों को चीनी दिए जाने का मामला संज्ञान में आएगा तो संबंधित मिल इसके लिए जिम्मेदार होगी।
पेराई सत्र 2019-20 में चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान अपने बकाया गन्ना मूल्य के बदले में चीनी ले सकते हैं। यह जानकारी प्रदेश गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने दी। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों की मांग पर विचार करने के बाद शासन ने यह फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को उनके बकाया गन्ना मूल्य के सापेक्ष उपलब्ध कराई गई चीनी का समायोजन गन्ना मूल्य के मद से किया जाएगा।
प्रत्येक किसान को एक कुंतल चीनी हर महीने उस दिन के चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य एवं जीएसटी के आधार पर जून 2020 तक उपलब्ध कराई जाएगी। यदि मिल द्वारा उस दिन कोई चीनी मिल बिक्री नहीं की गई है तो उसके पूर्व दिवस में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जीएसटी के आधार पर किसानों को चीनी उपलब्ध कराई जाएगी।
गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने कहा कि इच्छुक गन्ना किसान अपने साधनों द्वारा मिल गोदाम से चीनी उठान करेंगे। इसके लिए उन्हें यातायात व्यय की कोई प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी। चीनी का वितरण केंद्र सरकार द्वारा संबंधित मिल के निर्धारित मासिक कोटे के तहत ही होगा तथा जीएसटी को नियमानुसार राजकोष में जमा करने की जिम्मेदारी संबंधित चीनी मिल की ही होगी। यदि जीएसटी जमा करने अथवा न्यूनतम मूल्य से अधिक मूल्य पर किसानों को चीनी दिए जाने का मामला संज्ञान में आएगा तो संबंधित मिल इसके लिए जिम्मेदार होगी।
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Reviewed by Hindustan News 18
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April 18, 2020
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