तेज हवा- बरसात से गेहूं की फसल खेतों में गिरी
तेज हवा- बरसात से गेहूं की फसल खेतों में गिरी
अमरोहा - तेज हवा के साथ बरसात किसानों के लिए परेशानी लेकर आई। अधिक बढ़ी हुई गेहूं फसल जमीन पर गिर गई। आम के बौर को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है।
गुरुवार देर रात आसमान में घने काले बादल छाने लगे थे। रात करीब 11 बजे तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। तड़के में मोटी बूंदों की बरसात हुई। तेज हवा के दौरान बरसात में गेहूं के ऐसे खेतों में फसल जमीन पर आ गई जिनमें हाल-फिलहाल में सिंचाई हुई थी। फसल जमीन पर बिछ गई। सरसों व मटर की फसल को भी नुकसान हुआ। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिव सिंह के मुताबिक फरवरी मार्च माह में तेज हवा के दौरान बरसात अक्सर गेहूं फसल के लिए नुकसानदायक होती है। क्योंकि इस वक्त गेहूं फसल बाली की दशा में होती है। पौधे के ऊपरी भाग पर जोर होता है। खेत में पहले से नमी होने या फिर बरसात का पानी भरने की वजह से अधिक बढ़ने वाली प्रजाति की फसल गिर जाती है। गिरी फसल में काफी नुकसान होता है। बाली का दाना कमजोर बनता है। आम के बौर के लिए भी मौसम की पलटी ठीक नहीं कही जा रही। फिलहाल आम के पौधों पर कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। बरसात से कीटनाशक धुल गया है।
बरसात से जगह-जगह भरा पानी, होगी दुश्वारी
उझारी। तेज बरसात से जगह-जगह पानी भर गया। कस्बे के राजकीय अंबेडकर इंटर कॉलेज के प्रांगण में पानी भरने से तालाब जैसी स्थिति बन गई। छात्र-छात्राओं को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ेगी। शुक्रवार शाम के वक्त भी कस्बे में मोटी बूंदों की बरसात हुई है। एक बार फिर ठंड में इजाफा हो गया। बूंदाबांदी व तेज हवा चलने से दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ा। अधिकतर लोग घरों में कैद होकर रह गए।
अमरोहा - तेज हवा के साथ बरसात किसानों के लिए परेशानी लेकर आई। अधिक बढ़ी हुई गेहूं फसल जमीन पर गिर गई। आम के बौर को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है।
गुरुवार देर रात आसमान में घने काले बादल छाने लगे थे। रात करीब 11 बजे तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। तड़के में मोटी बूंदों की बरसात हुई। तेज हवा के दौरान बरसात में गेहूं के ऐसे खेतों में फसल जमीन पर आ गई जिनमें हाल-फिलहाल में सिंचाई हुई थी। फसल जमीन पर बिछ गई। सरसों व मटर की फसल को भी नुकसान हुआ। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिव सिंह के मुताबिक फरवरी मार्च माह में तेज हवा के दौरान बरसात अक्सर गेहूं फसल के लिए नुकसानदायक होती है। क्योंकि इस वक्त गेहूं फसल बाली की दशा में होती है। पौधे के ऊपरी भाग पर जोर होता है। खेत में पहले से नमी होने या फिर बरसात का पानी भरने की वजह से अधिक बढ़ने वाली प्रजाति की फसल गिर जाती है। गिरी फसल में काफी नुकसान होता है। बाली का दाना कमजोर बनता है। आम के बौर के लिए भी मौसम की पलटी ठीक नहीं कही जा रही। फिलहाल आम के पौधों पर कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। बरसात से कीटनाशक धुल गया है।
बरसात से जगह-जगह भरा पानी, होगी दुश्वारी
उझारी। तेज बरसात से जगह-जगह पानी भर गया। कस्बे के राजकीय अंबेडकर इंटर कॉलेज के प्रांगण में पानी भरने से तालाब जैसी स्थिति बन गई। छात्र-छात्राओं को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ेगी। शुक्रवार शाम के वक्त भी कस्बे में मोटी बूंदों की बरसात हुई है। एक बार फिर ठंड में इजाफा हो गया। बूंदाबांदी व तेज हवा चलने से दैनिक कामकाज पर भी असर पड़ा। अधिकतर लोग घरों में कैद होकर रह गए।
तेज हवा- बरसात से गेहूं की फसल खेतों में गिरी
Reviewed by Hindustan News 18
on
February 21, 2020
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