रात भर भटकती रही प्रेमी युगल की लाशें , इश्क का दर्दनाक अंत
रात भर भटकती रही प्रेमी युगल की लाशें , इश्क का दर्दनाक अंत
दिल्ली से आई प्रेमी युगल की लाशें परिजनों के ठुकराए जाने के बाद एंबुलेंस चालक रात भर लाशें लेकर सड़कों पर दौड़ता रहा। एक से दूसरे और फिर तीसरे गांव गया मगर सभी ने शव लेने से हाथ खड़े कर दिए और एंबुलेंस चालक को दोनों शव के साथ दिल्ली वापस भेज दिया।
आंवला तहसील क्षेत्र के गांव बरसेर का युवक हरियाणा के गुरुग्राम में महेशपुरा के ठेकेदार के गोदाम पर काम करता था। गांव की दूसरे समुदाय की लड़की से उसके प्रेम संबंध थे। शादी के बाद लड़की पति को छोड़ कर प्रेमी के पास गुरुग्राम चली गई। दोनों किराए के मकान में वहीं रहते थे। बताया जाता है कि गत दिवस मकान के ऊपर रखा पानी का टैंक फट गया जिसके मलवे में दबकर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय महिला की मौत हो गई जबकि युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ठेकेदार ने परिजनों को सूचना देने के साथ ही शव एंबुलेंस से भिजवा दिए। लड़के के परिजनों ने शव लेने से मना करते हुए मीरगंज के चुरई दलपतपुर गांव में अपने रिश्तेदारों से बात की और वहां एंबुलेंस भेज दी।
शवों का न पोस्टमार्टम हुआ और न ही कोई दस्तावेज था चुरई के प्रधान शकील अहमद अंसारी ने बताया कि रात 11 बजे दोनों लाशें लेकर एंबुलेंस आई मगर चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा था और शवों का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही मृत्यु का कोई दस्तावेज था। इसलिए एंबुलेंस वाले को मृतकों के ही गांव बरसेर भेज दिया। बरसेर में ग्रामीणों ने ठेकेदार के गांव महेशपुरा भेज दिया। महेशपुरा के ग्रामीणों ने भी इंकार कर दिया।
कानूनी फंदे से बचने को होती रही संवेदनहीनता
बताया जाता है कि पहले लड़के वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार थे मगर जब लड़की वालों ने मना किया तो कानूनी पचड़े के डर से उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। यही से शुरू हुआ संवेदनहीनता का दौर। इसके बाद लड़के के रिश्तेदार और ठेकेदार के गांव वाले सभी ने अंतिम संस्कार से मुह मोड़ लिया। इन दोनों शवों का आगे क्या हुआ यह किसी को नहीं पता।
दिल्ली से आई प्रेमी युगल की लाशें परिजनों के ठुकराए जाने के बाद एंबुलेंस चालक रात भर लाशें लेकर सड़कों पर दौड़ता रहा। एक से दूसरे और फिर तीसरे गांव गया मगर सभी ने शव लेने से हाथ खड़े कर दिए और एंबुलेंस चालक को दोनों शव के साथ दिल्ली वापस भेज दिया।
आंवला तहसील क्षेत्र के गांव बरसेर का युवक हरियाणा के गुरुग्राम में महेशपुरा के ठेकेदार के गोदाम पर काम करता था। गांव की दूसरे समुदाय की लड़की से उसके प्रेम संबंध थे। शादी के बाद लड़की पति को छोड़ कर प्रेमी के पास गुरुग्राम चली गई। दोनों किराए के मकान में वहीं रहते थे। बताया जाता है कि गत दिवस मकान के ऊपर रखा पानी का टैंक फट गया जिसके मलवे में दबकर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय महिला की मौत हो गई जबकि युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ठेकेदार ने परिजनों को सूचना देने के साथ ही शव एंबुलेंस से भिजवा दिए। लड़के के परिजनों ने शव लेने से मना करते हुए मीरगंज के चुरई दलपतपुर गांव में अपने रिश्तेदारों से बात की और वहां एंबुलेंस भेज दी।
शवों का न पोस्टमार्टम हुआ और न ही कोई दस्तावेज था चुरई के प्रधान शकील अहमद अंसारी ने बताया कि रात 11 बजे दोनों लाशें लेकर एंबुलेंस आई मगर चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा था और शवों का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही मृत्यु का कोई दस्तावेज था। इसलिए एंबुलेंस वाले को मृतकों के ही गांव बरसेर भेज दिया। बरसेर में ग्रामीणों ने ठेकेदार के गांव महेशपुरा भेज दिया। महेशपुरा के ग्रामीणों ने भी इंकार कर दिया।
कानूनी फंदे से बचने को होती रही संवेदनहीनता
बताया जाता है कि पहले लड़के वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार थे मगर जब लड़की वालों ने मना किया तो कानूनी पचड़े के डर से उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। यही से शुरू हुआ संवेदनहीनता का दौर। इसके बाद लड़के के रिश्तेदार और ठेकेदार के गांव वाले सभी ने अंतिम संस्कार से मुह मोड़ लिया। इन दोनों शवों का आगे क्या हुआ यह किसी को नहीं पता।
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Reviewed by Hindustan News 18
on
September 06, 2019
Rating:
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