सर्किल रेट की आपत्तियों पर 256 लोगों की जनसुनवाई
सर्किल रेट की आपत्तियों पर 256 लोगों की जनसुनवाई
डीएम की अध्यक्षता में तहसील परिसर में चली सुनवाई, ग्रामीणों ने दरों में असमानता और मार्गों के वर्गीकरण पर उठाए सवाल
प्रस्तावित मूल्यांकन सूची सर्किल रेट 2026-27 को लेकर दाखिल आपत्तियों के निस्तारण के लिए सोमवार को तहसील परिसर में जनसुनवाई आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में दोपहर से शाम तक चली सुनवाई में कुल 256 लोगों की आपत्तियों को क्रमवार सुना गया। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों की बात सुनते हुए आपत्तियों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों और जमीन मालिकों ने प्रस्तावित सर्किल रेट में असमानता, राज्य मार्ग एवं जिला मार्ग के वर्गीकरण तथा भूमि के उपयोग की श्रेणी से जुड़े कई मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। लोगों ने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रस्तावित दरों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और कई स्थानों पर पड़ोसी गांवों के मुकाबले सर्किल रेट में अंतर को दूर करने की मांग की।
गाटा संख्या 41 के रेट पर जताई आपत्ति
पट्टी पारा और बलदाना गांव के सतवीर सिंह, अरुण कुमार और असगर अली ने आबादी एवं लिंक मार्ग के पास स्थित गाटा संख्या 41 के सर्किल रेट में प्रस्तावित पांच प्रतिशत वृद्धि पर आपत्ति जताई। ग्रामीणों ने आसपास के गांवों में लागू दरों में असमानता का हवाला देते हुए सर्किल रेट का पुनर्मूल्यांकन किए जाने की मांग की।
वहीं हरवीर सिंह ने राज्य मार्ग पर स्थित अपने करीब 22 बीघा बाग के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ भी हैं। ऐसे में बाग की प्रकृति और वहां मौजूद पेड़ों को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन पर दोबारा विचार करने की मांग की गई।
अमरोहा-धनौरा मार्ग को राज्य मार्ग दर्ज कराने की मांग
भटौला शुमाली और बाकरपुर के सोविंदर सिंह, राजेंद्र सिंह, रामवती समेत अन्य ग्रामीणों ने भटौला शुमाली में प्रस्तावित कम सर्किल रेट का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि अमरोहा-धनौरा मार्ग को वर्ष 2012/2020 में राज्य मार्ग घोषित किया जा चुका है, लेकिन अभिलेखों में अभी भी इसे जिला मार्ग के रूप में दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने मार्ग की सही श्रेणी दर्ज कर उसके अनुरूप सर्किल रेट निर्धारित करने की मांग रखी।
ग्रामीणों ने कटपुरा और महमदी की तुलना में भटौला शुमाली में कम दर बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाया। इसके साथ ही धारा 80 के तहत आबादी अथवा व्यावसायिक श्रेणी में दर्ज भूमि को उसकी वास्तविक श्रेणी में शामिल कर उसी के अनुरूप मूल्यांकन किए जाने की मांग की गई।
महमदी और अफजलपुर लूट की दरों में अंतर खत्म करने की मांग
जयप्रकाश सिंह ने गाटा संख्या 108 समेत महमदी और अफजलपुर लूट क्षेत्र के सर्किल रेट में मौजूद अंतर का मुद्दा उठाया। उन्होंने समान परिस्थितियों वाली भूमि की दरों में अंतर समाप्त कर एक समान एवं न्यायसंगत मूल्यांकन किए जाने की मांग की।
पेट्रोल पंप को लेकर समिति ने स्थिति की स्पष्ट
सुनवाई के दौरान पेट्रोल पंप की श्रेणी को लेकर भी सवाल उठाया गया। इस पर संबंधित समिति की ओर से स्पष्ट किया गया कि पेट्रोल पंप को औद्योगिक क्षेत्र की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। अधिकारियों ने आपत्तियों से जुड़े मामलों को सुनकर संबंधित अभिलेखों और नियमों के आधार पर कार्रवाई की।
जनसुनवाई में अधिकारियों ने लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक प्रक्रिया के तहत निस्तारण का भरोसा दिया। इस दौरान एडीएम गरिमा सिंह, एडिशनल एसपी अखिलेश भदौरिया, एआईजी स्टांप अमरोहा, एसडीएम शैलेश कुमार दुबे, तहसीलदार मूसराम थारू और रजिस्ट्रार दिनेश सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Reviewed by Hindustan News 18
on
September 07, 2026
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